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Audichya Brahman Samaj

श्रवणबेलगोला (कर्नाटक)

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :

आवास

कमरे (अटैच बाथरूम) 120

कमरे (बिना बाथरूम) 10

 

हाल - 5 एवं कमरे – 363,

गेस्टहाउस 12

 

यात्री ठहराने कि कुल क्षमता 2000

भोजनालय

नि:शुल्क, नियमित

औषधॉलय

है

पुस्तकालय

है

विद्यालय

है

एस.टी.डी. / पी.सी..

है

आवगमन के साधन :

रेलवे स्टेशन

हासन – 52 कि.मी., बेंगलौर -150 कि.मी., श्रवणबेलगोला – 2 कि.मी.

बस स्टैंड

श्रवणबेलगोला

पहुँचने का सरलतम मार्ग

बेंगलौर, मैसूर, हासन आदि स्थानों से सड़क मार्ग द्वारा

निकटतम प्रमुख नगर :

मैसूर – 85 कि.मी., बेंगलौर – 146 कि.मी.

प्रबन्ध व्यवस्था :

संस्था

SDJMI  मैनेजिंग कमेटी  

अध्यक्ष

स्वस्तिश्री चारूकीर्ति भट्टारक महास्वामीजी

क्षेत्र का महत्व :

क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या

पर्वत, तलहटी व ग्राम में अनेक जिनालय

क्षेत्र पर पहाड़

2 पहाड़ – विन्ध्यगिरि पर 644 एवं चन्द्रगिरि पर 175 सीढ़ियाँ है | डोली की व्यवस्था है |

ऐतिहासिकता

एक  हजार वर्ष से भी अधिक पूर्व 981 ई. में महामात्य चामुण्डरायजी ने आचार्य श्री नेमिचन्द्र सिद्धांत चक्रवर्ती के सान्निध्य में इन्द्रगिरी पर्वत पर भगवान बाहुबली कि प्रतिमा प्रतिष्ठित कराई थी | यह मूर्ति लगभग 18 मीटर ( 58 फीट ) ऊँची, उत्तरमुखी, खड्गासन, संसार की अनुपम, अदिृतीय एवं अतिशय सम्पन्न विशाल प्रतिमा है | इस भव्य मूर्ति का महामस्तकाभिषेक 12 वर्षो के अंतराल से होता है | यह दक्षिण भारत का प्रमुख जैन तीर्थ व पर्यटन स्थल है | चंद्रगिरी पर्वत पर अनेक प्राचीन मन्दिर एवं बहुमूल्य शिलालेख है जिनसे प्राचीन जैन इतिहास पर प्रकाश पड़ता है | लगभग 15-16 कि.मी. की दूरी से यह मूर्ति दृष्टीगोचर होती है | लगभग 500 शिलालेख जैनों कि गौरव गाथा का उल्लेख करते है | श्री भट्टारक चारूकीर्तिजी का निवास जैन मठ है |

समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :

धर्मस्थल – 180 कि.मी., वेणूर – 180 कि.मी., मूडबिद्री – 200 कि.मी., कारकल – 225 कि.मी., हूँमचा – 200 कि.मी.