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Audichya Brahman Samaj

अहारजी (मध्यप्रदेश)

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :

आवास

कमरे (अटैच बाथरूम) - 22

कमरे (बिना बाथरूम) – 150

 

हाल – 3 (यात्री क्षमता - 200)

गेस्टहाउस – नहीं

 

यात्री ठहराने कि कुल क्षमता – 1000

भोजनालय

अनुरोध पर, सशुल्क

औषधॉलय

है (आयुर्वेदिक)

पुस्तकालय

नहीं

विद्यालय

है (संस्कृत विद्यालय)

एस.टी.डी. / पी.सी.ओ.

है

आवगमन के साधन :

रेलवे स्टेशन

मऊरानीपुर – 62 कि.मी., ललितपुर – 83 कि.मी., झाँसी – 120 कि.मी.

बस स्टैंड

बलदेवगढ़ – 10 कि.मी., टीकमगढ़ – 25 कि.मी.

पहुँचने का सरलतम मार्ग

सड़क मार्ग टीकमगढ़ से अहारजी

निकटतम प्रमुख नगर :

टीकमगढ़ - 25 कि.मी.

प्रबन्ध व्यवस्था :

संस्था

प्रबंधकारिणी समिति, अहारजी (सिद्धक्षेत्र अहारजी)

अध्यक्ष

श्री महेंद्र जैन बड़ागांव, टीकमगढ़ (094251-41579)

महामंत्री

श्री जयकुमार शास्त्री, टीकमगढ़ (07683-242634, 09425893947)

प्रबंधक

श्री वीरेन्द्रकुमार जैन (07683-298932, 099264-85273)

क्षेत्र का महत्व :

क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या

08, मानस्तम्भ – 2, चरणछतरी – 6 (पंचपहाड़ी पर)

क्षेत्र पर पहाड़

क्षेत्र से .75 कि.मी. की दूरी पर है, 40 सीढ़ियाँ है

ऐतिहासिकता

इस क्षेत्र से भगवान मल्लिनाथ के तीर्थकाल में सत्रहवें कामदेव मदनकुमार (नलराज) एवं महावीर स्वामी के तीर्थकाल में आठवें केवली बिस्कवल ने तपस्या कर मोक्ष प्राप्त किया | जनश्रुति है कि 12वीं शताब्दी में चंदेरी निवास पाणाशाह व्यापारी ने जिन दर्शन उपरांत भोजन करने का व्रत ले रखा था | एक बार उन्हें रांगा भरी गाड़ियों सहित यहाँ रुकना पड़ा, लेकिन यहाँ जिनालय न होने से वे भोजन ग्रहण नहीं कर सकते थे | तभी उन्हें वहाँ मुनिराज के दर्शन हुए, उन्हें आहार देकर स्वयं भोजन किया | संयोग से उनका रांगा चाँदी में परिवर्तित हो गया | उस द्रव्य राशि से मंदिर बनवाया व क्षेत्र का नाम अहारजी रखा | प्रतिवर्ष अगहन सुदी 13 से 15 तक वार्षिक मेला लगता है |

समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :

पपौराजी – 22 कि.मी., द्रोणगिरि – 56 कि.मी., खजुराहो – 125 कि.मी., श्री फलहौड़ी – बड़ागाँव – 30 कि.मी., ओरछा – 110 कि.मी., कुंडेश्वर – 30 कि.मी.