अहारजी (मध्यप्रदेश)

नाम : अहारजी
पता : श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र , अहारजी तहसील – बलदेवगढ़, जिला – टीकमगढ़ (म.प्र.) पिन – 472 001
टेलीफोन : 07683-298932
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :
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आवास |
कमरे (अटैच बाथरूम) - 22 |
कमरे (बिना बाथरूम) – 150 |
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हाल – 3 (यात्री
क्षमता - 200) |
गेस्टहाउस – नहीं |
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यात्री ठहराने कि कुल
क्षमता – 1000 |
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भोजनालय |
अनुरोध पर, सशुल्क |
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औषधॉलय |
है (आयुर्वेदिक) |
पुस्तकालय |
नहीं |
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विद्यालय |
है (संस्कृत
विद्यालय) |
एस.टी.डी. / पी.सी.ओ. |
है |
आवगमन के साधन :
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रेलवे स्टेशन |
मऊरानीपुर – 62 कि.मी.,
ललितपुर – 83 कि.मी., झाँसी – 120 कि.मी. |
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बस स्टैंड |
बलदेवगढ़ – 10 कि.मी.,
टीकमगढ़ – 25 कि.मी. |
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पहुँचने का सरलतम मार्ग |
सड़क मार्ग टीकमगढ़ से अहारजी |
निकटतम प्रमुख नगर :
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टीकमगढ़ - 25 कि.मी. |
प्रबन्ध व्यवस्था :
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संस्था |
प्रबंधकारिणी समिति,
अहारजी (सिद्धक्षेत्र अहारजी) |
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अध्यक्ष |
श्री महेंद्र जैन
बड़ागांव, टीकमगढ़ (094251-41579) |
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महामंत्री |
श्री जयकुमार शास्त्री,
टीकमगढ़ (07683-242634,
09425893947) |
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प्रबंधक |
श्री वीरेन्द्रकुमार जैन
(07683-298932, 099264-85273) |
क्षेत्र का महत्व :
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क्षेत्र पर मंदिरों की
संख्या |
08,
मानस्तम्भ – 2, चरणछतरी – 6 (पंचपहाड़ी पर) |
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क्षेत्र पर पहाड़ |
क्षेत्र से .75 कि.मी. की
दूरी पर है, 40 सीढ़ियाँ है |
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ऐतिहासिकता |
इस क्षेत्र से
भगवान मल्लिनाथ के तीर्थकाल में सत्रहवें कामदेव मदनकुमार (नलराज) एवं महावीर
स्वामी के तीर्थकाल में आठवें केवली बिस्कवल ने तपस्या कर मोक्ष प्राप्त किया |
जनश्रुति है कि 12वीं शताब्दी में चंदेरी निवास पाणाशाह व्यापारी ने जिन दर्शन
उपरांत भोजन करने का व्रत ले रखा था | एक बार उन्हें रांगा भरी गाड़ियों सहित
यहाँ रुकना पड़ा, लेकिन यहाँ जिनालय न होने से वे भोजन ग्रहण नहीं कर सकते थे |
तभी उन्हें वहाँ मुनिराज के दर्शन हुए, उन्हें आहार देकर स्वयं भोजन किया |
संयोग से उनका रांगा चाँदी में परिवर्तित हो गया | उस द्रव्य राशि से मंदिर
बनवाया व क्षेत्र का नाम अहारजी रखा | प्रतिवर्ष अगहन सुदी 13 से 15 तक वार्षिक
मेला लगता है | |
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :
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पपौराजी – 22
कि.मी., द्रोणगिरि – 56 कि.मी., खजुराहो – 125 कि.मी., श्री फलहौड़ी – बड़ागाँव –
30 कि.मी., ओरछा – 110 कि.मी., कुंडेश्वर – 30 कि.मी. |
