सम्मेदशिखरजी (झारखण्ड)

नाम : सम्मेदशिखरजी
पता : श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र, सम्मेदशिखरजी , पो. मधुबन, जिला – गिरिडीह ( झारखंड ) पिन – 825 329
टेलीफोन : बीसपंथी कोठी – 06558 – 232228, 232209, 232361
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :
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आवास |
कमरे (अटैच बाथरूम) - 280 |
कमरे (बिना बाथरूम) – 300 |
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हाल – 30 |
गेस्टहाउस – 15 |
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यात्री ठहराने कि कुल क्षमता – 4500 |
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भोजनालय |
नियमित, सशुल्क एवम् निःशुल्क |
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औषधॉलय |
है |
पुस्तकालय |
है |
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विद्यालय |
है |
एस.टी.डी. / पी.सी.ओ. |
है |
आवगमन के साधन :
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रेलवे स्टेशन |
पार्श्वनाथ – 23 कि.मी., गिरिडीह – 32 कि.मी. |
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बस स्टैंड |
गिरिडीह |
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पहुँचने का सरलतम मार्ग |
गिरिडीह से मेन लाइन पर मधुबन से | गया –
कलकता मार्ग पर पारसनाथ रेल्वे स्टेशन से मधुबन | |
निकटतम प्रमुख नगर :
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गिरिडीह
- 32 कि.मी., ईसरी – 23 कि.मी. |
प्रबन्ध व्यवस्था :
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संस्था |
श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र सम्मेदशिखर
कमेटी बीसपंथी कोठी |
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अध्यक्ष |
श्री अजयकुमार जैन, देवाश्रम, आरा (0612 - 2221258) |
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मंत्री |
श्री अरविन्द आर. दोशी, मुम्बई |
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मेला मंत्री |
श्री महावीरप्रसाद सेठी (06557 - 235889) |
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प्रबंधक |
श्री मनोहरलाल जैन, मधुबन (06558-232209, 09431333945) |
क्षेत्र का महत्व :
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क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या |
24 टोंक तथा 2 मन्दिर पर्वत पर |
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क्षेत्र पर पहाड़ |
है (9 कि.मी. चढ़ाई, 9 कि.मी. वन्दना, 9 कि.मी. उतराई, कुल
27 कि.मी.) डोली व्यवस्था है | |
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ऐतिहासिकता |
सम्मेदाचल महापवित्र तथा
शाश्वत निर्वाणभूमि है | अनन्त तीर्थकर अपनी अमृतवाणी और दिव्य दर्शन से इस
तीर्थ को पवित्र बना चुके है | वर्तमान चौबीसी के 20 तीर्थकर यहाँ से
मोक्ष गए है | पर्वत पर जल मन्दिर व चोपड़ाकुण्ड पर भी मन्दिर है | मधुबन तलहटी
में अनेक भव्य जिनालय व धर्मशालाएँ है | पर्वत वंदना के लिए डाक बंगले पर
यात्रियों के रहने कि सुविधा है | |
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :
पावापुरी – 225 कि.मी.,
गुणावाँ – 200 कि.मी., कुण्डलपुर – 250 कि.मी., राजगिर – 235 कि.मी.
