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Audichya Brahman Samaj

कारकल (कर्नाटक)

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :

आवास

कमरे (अटैच बाथरूम) - 8

कमरे (बिना बाथरूम) 5

 

हाल - 2

गेस्टहाउस नहीं

 

यात्री ठहराने कि कुल क्षमता 1000

भोजनालय

है

औषधॉलय

है

पुस्तकालय

है

विद्यालय

नहीं

एस.टी.डी. / पी.सी.ओ.

है

आवगमन के साधन :

रेलवे स्टेशन

मेंगलौर53 कि.मी.

बस स्टैंड

कारकल – 8 कि.मी.

पहुँचने का सरलतम मार्ग

मुड़बिन्द्र या मेंगलौर से सड़क मार्ग द्वारा

निकटतम प्रमुख नगर :

मुड़बिन्द्री 16 कि.मी., मेंगलौर 53 कि.मी.,

प्रबन्ध व्यवस्था :

संस्था

भट्टारक मठ एवं श्राविकाश्रम

अध्यक्ष

श्री राजगुरु स्वस्तिश्री ललित कीर्ति भट्टारक जी

मंत्री

नहीं

प्रबंधक

नहीं

क्षेत्र का महत्व :

क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या

23

क्षेत्र पर पहाड़

दो पहाड़ हैं | बड़े पहाड़ पर 150 एवं छोटे पहाड़ पर 20 सीढ़ियाँ हैं |

ऐतिहासिकता

सन् 1432 में कारकल नरेश वीर पांडव द्वारा 13 मीटर उँची बाहुबली स्वामी की प्रतिमा स्थापित कराई गई थी | यहाँ पर 12 प्राचीन दिगम्बर जैन मन्दिर हैं तथा कुल मिलाकर 23 जैन मन्दिर हैं | 1000 वर्ष पुराना क्षेत्र है, शिल्पकला हेतु प्रसिद्ध है | जैन राजा का कार्य क्षेत्र रहा है|                   

समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :

मूड़बिन्द्री, - 16 कि. मी., हूँमचा – ss110 कि.मी., श्रवणबेलगोला – 225 कि.मी., वांगल, कुन्दकुन्द बेट्ट, ज्वालामलिनी आदि,