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Audichya Brahman Samaj

गजपंथा (महाराष्ट्र)

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :

आवास

कमरे (अटैच बाथरूम) 30

कमरे (बिना बाथरूम) 10

 

हाल 1 ( यात्री क्षमता – 300 ),

 गेस्टहाउसनहीं

 

यात्री ठहराने कि कुल क्षमता 1000

भोजनालय

शुल्क, ऑर्डर देने पर         

पुस्तकालय

नहीं

औषधॉलय

है

एस.टी.डी. / पी.सी..

नहीं

विद्यालय

है (अंग्रेजी)

आवगमन के साधन :

रेलवे स्टेशन

नासिक रोड – 15 कि.मी.

बस स्टैंड

नासिक सेंट्रल बस स्टैंड – 7 कि.मी

पहुँचने का सरलतम मार्ग

रेल अथवा सड़क मार्ग, नासिक रोड रेल्वे स्टेशन से म्हसरूल ( गजपंथा ) सिटी बस एवं ऑटो रिक्शा द्वारा

निकटतम प्रमुख नगर :

नासिक – 5 कि.मी.

प्रबन्ध व्यवस्था :

संस्था

श्री दि. जैन तीर्थंक्षेत्र म्हसरूल ( गजपंथा )

अध्यक्ष

श्री विजय कुमार कासलीवाला ( 5616637, 09370292035 )     

मंत्री

श्री प्रदीपकुमार  पहाड़े ( 098227 - 98377 )

क्षेत्र का महत्व :

क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या

06 (पहाड़ पर 3 गुफा मन्दिर एवं 2 मन्दिर) म्हसरूल ग्राम में 1 भव्य जिनालय

क्षेत्र पर पहाड़

है (450 सीढियाँ ऊँची एवं खड़ी हैं)

ऐतिहासिकता

इस क्षेत्र से 7 बलभद्र और आठ करोड़ मुनि मोक्ष गए हैं | धर्मशाला स्तिथ जिनालय में मूलनायक प्रतिमा भगवान महावीर की है | पर्वत की ऊँचाई 400 फीट है | पर्वत पर 3 गुफा मन्दिर हैं तथा 2 नवनिर्मित जिनालय हैं | यहाँ गुफाओं को ‘चामर लेणी’ कहते हैं | पार्श्वनाथ गुफा दर्शनीय है | वर्ष 1973 में 24 सितम्बर के दिन मुनि श्री सुधर्मसागरजी महाराज सल्लेखना पूर्वक अपना शरीर छोड़कर स्वर्ग सिधारे | उस अवधि में अनेक चमत्कारिक घटनाएँ हुई हैं |

विशेष जानकारी

पहाड़ पर जाने – आने की सुविधा म्हसरूल मन्दिर से शुल्क देकर उपलब्ध है | पहाड़ की पूरी व्यवस्था म्हसरूल ग्राम मन्दिर से होती है | 

वार्षिक मेला एवं तिथि

प्रतिवर्ष कार्तिक शु.त्रयोदशी – मंदिर म्हसरुल एवं पहाड़ मन्दिर में मेला लगता है |

समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :

मांगीतुंगी – 128 कि.मी., कचनेर – 225 कि.मी., पैठण – 245 कि.मी., एलोरा – 175 कि.मी., कुंथलगिरि – 300 कि.मी., दि. जैन प्राचीन तीर्थक्षेत्र, अंजनेरी – 35 कि.मी., मांडल महुआ ( सूरत ) 170 कि.मी., बोरीवली मुम्बई – 200 कि.मी., देवलाली – 15 कि.मी. ( त्रयम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग प्रसिद्ध है | )