एलोरा ( वेरूल ) (महाराष्ट्र)

नाम : एलोरा ( वेरूल )
पता : श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन ( पहाड़ ) मन्दिर, एलोरा ( वेरूल ) / श्री पा.ब्र.आश्रम (गुरुकुल), तहसील – खुलताबाद, जिला – औरंगाबाद ( महाराष्ट्र ) पिन - 431102
टेलीफोन : 02437 – 244590, 094216 – 86778 (प्रबंधक)
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :
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आवास |
ए.सी. कमरे (अटैच बाथरूम) – 7 |
कमरे (बिना बाथरूम) – 10 |
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हाल – 4 ( यात्री क्षमता – 100 ), |
गेस्टहाउस – शासकीय |
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यात्री ठहराने कि कुल क्षमता – 200 |
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भोजनालय |
सशुल्क, अनुरोध पर |
पुस्तकालय |
है |
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औषधॉलय |
है |
एस.टी.डी. / पी.सी.ओ. |
है |
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विद्यालय |
गुरुकुल है |
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आवगमन के साधन :
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रेलवे स्टेशन |
औरंगाबाद – 30 कि.मी., चालीसगांव
– 60 कि.मी. |
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बस स्टैंड |
औरंगाबाद – 30 कि.मी., कन्नड़ –
30 कि.मी. |
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पहुँचने का सरलतम मार्ग |
रेल व सड़क दोनों मार्ग से औरंगाबाद होते हुए |
निकटतम प्रमुख नगर :
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औरंगाबाद – 30 कि.मी. |
प्रबन्ध व्यवस्था :
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संस्था |
(1) श्री पार्श्वनाथ ब्रह्मचर्याश्रम (गुरुकुल), एलोरा, जि. –
औरंगाबाद (2) श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर (पहाड़) जैन मन्दिर,
एलोरा |
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अध्यक्ष |
श्री वर्धमानजी पाण्डे ( 0260-2331617 ) |
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मंत्री |
श्री पन्नालाल गंगवाल ( 0240-2350018 ) |
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प्रबंधक |
श्री राजेंद्र अंबरकर, एलोरा ( नि. 02437-24409 ) |
क्षेत्र का महत्व :
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क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या |
02 |
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क्षेत्र पर पहाड़ |
है ( .5 कि.मी. की चढ़ाई
हैं) 350 सीढियाँ है | |
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ऐतिहासिकता |
विश्वविख्यात
एलोरा गुफाओं में बौद्ध, हिन्दू, जैन धर्म की गुफाएँ हैं | नं. 30 से 34 तक जैन
गुफाएँ वास्तुकला, शिल्पकला, चित्रकला, की उत्कृष्ट धरोहर हैं | 16 नंबर की
कैलाश गुफा विश्वविख्यात है | 950 वर्ष प्राचीन भगवान पार्श्वनाथ की अर्द्ध-पद्मासन
प्रतिमा विशेष उल्लेखनीय है | |
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विशेष जानकारी |
पहाड़ पर 16 फुट ऊँची
भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा सातिशय एवं अदि्तीय है | यहाँ छात्रावास ( 200
छात्र ), विद्यालय भवन, आरोग्य-धाम अतिथि गृह व सुन्दर जिनालय बने हैं | दि. जैन
की गुरुकुल भी है जो आचार्य श्री समंतभद्र महाराज एवं आचार्यश्री आर्य नंदी
महाराज की प्रेरणा से चल रहा है | |
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वार्षिक मेला |
आश्विन सुदी अष्टमी |
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :
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जटवाडा जैनगिरि – 25 कि.मी., कचनेर – 65 कि.मी.,
कुंथलगिरि – 240 कि.मी., पैंठण – 80 कि.मी., मांगीतुंगी व गजपंथा – 180 कि.मी.,
जिंतूर ( नेमगिरि ) – 200 कि.मी. |
