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Audichya Brahman Samaj

कुम्भोज बाहुबली (महाराष्ट्र)

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :

आवास

कमरे (अटैच बाथरूम) 45

कमरे (बिना बाथरूम) नहीं

 

हाल – 3,

V.I.P  गेस्ट हाउस 08

 

यात्री ठहराने कि कुल क्षमता 400

भोजनालय

सशुल्क      

औषधॉलय

है

पुस्तकालय

है

विद्यालय

है, गुरुकुल एवं आश्रम भी है |

एस.टी.डी. / पी.सी..

है

आवगमन के साधन :

रेलवे स्टेशन

हतकणगले – 6 कि.मी., कोल्हापुर – 30 कि.मी., मिरज – 35 कि.मी.      

बस स्टैंड

हतकणगले – 6 कि.मी., कोल्हापुर – 30 कि.मी.

पहुँचने का सरलतम मार्ग

सड़क मार्ग हतकणगले से बस या जीप द्वारा, पुणे – सतारा – कराड़ – वाठार – पेठवडगांव – बाहुबली, पंढरपुर – मिरज – जयसिंगपूर – हतकणगले – बाहुबली, हुबली – बेलगाम – निपाणी – शिरोली – हतकणगले – बाहुबली

निकटतम प्रमुख नगर :

कोल्हापुर - 30 कि.मी., इचल करंजी – 14 कि.मी.

प्रबन्ध व्यवस्था :

संस्था

श्री बाहुबली ब्रह्मचर्याश्रम व विद्यापीठ अतिशय क्षेत्र, बाहुबली       

चेयरमेन

श्री अरविन्द दोशी, मुंबई (022-66185799)                               

अध्यक्ष

श्री  कल्लाप्पाण्णा बाबूराव आवाडे (विद्यापीठ) (0230-2422367)

श्री सनतकुमार वासुदेवराव आरवाडे (ब्रह्मचर्याश्रम) (0233-2670105)

महामंत्री

श्री दादासाहेब चवगोंडा पाटिल (0230-2461874)

प्रबंधक

श्री भरमूतवनाप्पा बेड़गे (0230-2584422)

क्षेत्र का महत्व :

क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या

66 दर्शन

क्षेत्र पर पहाड़

है (4 मंदिर है, 386 सीढ़ियाँ है)

ऐतिहासिकता

प्राचीनकाल से अनेक मुनिगणों की तपस्या भूमि रही है | मुनि श्री बाहुबली महाराज यहाँ ध्यान तपस्या करते थे | हिंसक श्वापदों द्वारा उन पर या दर्शनार्थी पर कुछ भी उपद्रव नहीं हो पाता था | भगवान बाहुबली की 28 फीट ऊँची मनोज्ञ मूर्ति के साथ ही श्री महावीर समवशरण जिन मंदिर, स्वयंभू मंदिर, रत्नत्रय जिन मंदिर, नंदीश्वर – पंचमेरू की सुन्दर रचना, मानस्तम्भ, कीर्ति-स्तम्भ आदि दर्शनीय व वन्दनीय है |

समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :

धर्मनगर – 16 कि.मी., नांदणी – 25 कि.मी., कोथली (कर्नाटक) – 45 कि.मी., स्तवनिधि (कर्नाटक) – 70 कि.मी., कुन्थुगिरि – 12 कि.मी., कुंजवान उदगाव – 23 कि.मी.