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Audichya Brahman Samaj

कुन्थुगिरि (महाराष्ट्र)

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :

आवास

कमरे (अटैच बाथरूम) 35

कमरे (बिना बाथरूम) 20

 

हाल 1 (यात्री क्षमता - 5000),

 गेस्ट हाउस 1

 

यात्री ठहराने कि कुल क्षमता 1000

भोजनालय

सशुल्क, नियमित           

पुस्तकालय

है

औषधॉलय

है

एस.टी.डी. / पी.सी..

है

विद्यालय

नहीं

आवगमन के साधन :

रेलवे स्टेशन

मिरज, हातकणंगले – 5 कि.मी.     

बस स्टैंड

सांगली

पहुँचने का सरलतम मार्ग

ट्रेन से मिरज, मिरज से क्षेत्र निकट है

निकटतम प्रमुख नगर :

इचलकरंजी - 15 कि.मी., सांगली – 22 कि.मी., कोल्हापुर – 25 कि.मी.

प्रबन्ध व्यवस्था :

संस्था

श्री गणाधिपति गणधराचार्य कुन्थुसागर विद्या शोध संस्थान       

अध्यक्ष

श्री आर.के. जैन (09323003006)

महामंत्री

श्री कैलाशचन्द चांदीवाल

क्षेत्र का महत्व :

क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या

09

क्षेत्र पर पहाड़

है | 7 कि.मी. का घुमावदार रास्ता है | वाहन ऊपर तक जाते है, कुल 11 मंदिर है, खड्गासन की 24 प्रतिमाएँ है |

ऐतिहासिकता

यह क्षेत्र सुरम्य पहाड़ी की तलहटी में बना हुआ है | यहाँ की प्रतिमाएँ पूर्ण अतिशय युक्त है | मंदिर में चिन्तामणि भगवान पार्श्वनाथ की 9 फुट भव्य मनोहारी प्रतिमा है | जो 108 फणावली से उत्तुंग है | गणधराचार्य मुनि श्री कुन्थुसागर जी महाराज की प्रेरणा से नवोदित तीर्थ विकसित हुआ है |

वार्षिक मेला

प्रति पूर्णिमा दोपहर 2 बजे महामस्तकाभिषेक, वार्षिक मेला लगता है |

समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :

कुम्भोज बाहुबली – 12 कि.मी., साजणी पार्श्वनाथ – 10 कि.मी., कोथली – 55 कि.मी., धर्मनगर – 15 कि.मी.