अध्यक्ष की कलम से
850 वर्ष प्राचीन इतिहास को अपने आगोश में संभाले हुए औदीच्य ब्राह्मण समाज का अक्टूम्बर 2014 में अध्यक्ष के कार्य भार के लिए 5000 परिवारो के प्रतिनिधियो द्वारा मुझे चुनना मेरे लिए गौरवशाली क्षण था |
समाज की नई पिढी की उमंगें है, उनकी तमन्नाये है, समाज आज आर्थिक द्रष्टि से मजबूत है, लेकिन शिक्षा में पीछे है, समाज चाहता है हमारा खुद का एक शिक्षा का हब हो, हमारी कार्यकारिणी उसमें आगे बढ रही है, हमने बाँसवाडा में औदीच्य ब्राह्मण शिक्षण संस्थान, का गठन किया है जिसमे हम नर्सरी से शुरुआत कर व्यवसायिक शिक्षाओ की और अग्रसर होगे | हमारी पुरानी धरोहरों को संजोये रखने हमने सागवाडा में “ हूमड भवन ट्रस्ट ” का गठन किया है | समाज की जनगणना पुरी हो चुकी है आओ हम हाथ मिलाकर हमारे आने वाली पीढ़ी को धार्मिक संस्कारो, शिक्षा के क्षेत्र में , सामाजिक सेवा के क्षेत्र में, व्यापार में आगे बठाये | इसी कृत संकल्प के साथ |

