पैठण (प्रतिष्ठानपुर) (महाराष्ट्र)

नाम : पैठण (प्रतिष्ठानपुर)
पता : श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, पैठण, जैनपुरा, पोस्ट एवं तहसील – पैठण, जिला – औरंगाबाद (महाराष्ट्र) पिन – 431 107
टेलीफोन : 02431-223149, 092265-76897, 09404000418
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :
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आवास |
ए.सी. कमरे (अटैच बाथरूम) – 11 |
कमरे (बिना बाथरूम) – 5 |
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एक ए.सी. हाँल, |
ए.सी कमरे – 15 |
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हाल – 3 (यात्री क्षमता - 260), |
गेस्ट हाउस – नहीं |
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यात्री ठहराने कि कुल क्षमता – 1000 |
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भोजनालय |
सशुल्क, नियमित |
पुस्तकालय |
है |
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औषधॉलय |
है |
एस.टी.डी. / पी.सी.ओ. |
है |
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विद्यालय |
जैन इंग्लिश स्कूल |
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आवगमन के साधन :
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रेलवे स्टेशन |
औरंगाबाद – 50 कि.मी. |
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बस स्टैंड |
एस.टी. स्टैंड पैठण |
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पहुँचने का सरलतम मार्ग |
अहमदाबाद से बस द्वारा 100 कि.मी., औरंगाबाद
से बस द्वारा 50 कि.मी. |
निकटतम प्रमुख नगर :
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औरंगाबाद - 50 कि.मी., अहमदनगर – 100 कि.मी.,
बीड़ – 100 कि.मी. |
प्रबन्ध व्यवस्था :
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संस्था |
श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दि. जैन अतिशय
क्षेत्र, पैठण |
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अध्यक्ष |
श्री महावीरकुमार झुंवरलाल बड़जात्या (0241-2421981, 098230-24011) |
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मंत्री |
श्री विलाश मिश्रीलाल पहाड़े, पैठण (02431-223937, 09422204497) |
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प्रबंधक |
श्री राजेश जैन सिंघई (02431-223149, 092265-76897) |
क्षेत्र का महत्व :
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क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या |
01 |
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क्षेत्र पर पहाड़ |
नहीं |
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ऐतिहासिकता |
भगवान मुनिसुव्रतनाथ की
अर्धपद्मासन साढ़े तीन फुट ऊँची मुलनायक प्रतिमा के अतिरिक्त 50 मूर्तियाँ है |
प्रत्येक शनि अमावस्या को यात्रा एवं महामस्तकाभिषेक होता है | यहाँ अनेक प्रकार
की चमत्कारिक घटनायें होती रहती हैं | यह प्रतिमा चतुर्थ कालीन होकर राजा खरदूषण
द्वारा रेती से निर्मित है | |
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वार्षिक मेला |
यहाँ का बगीचा (संत
ज्ञानेश्वर उद्यान) एवं बाँध दर्शनीय हैं | पैठण पर्यटन केंद्र बन गया है | |
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :
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एलोरा – 80 कि.मी., कचनेर
– 35 कि.मी., जटवाड़ा – 62 कि.मी., पांचालेश्वर – 32 कि.मी., कुंथलगिरि – 150 कि.मी.,
जिन्तूर – 180 कि.मी., भानस हेवरा – 55 कि.मी. |
