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Audichya Brahman Samaj

पुष्पगिरि (मध्यप्रदेश)

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :

आवास

कमरे (अटैच बाथरूम) 60

कमरे (बिना बाथरूम) 11

 

हाल 6, (यात्री क्षमता 100),

गेस्टहाउस नहीं

 

यात्री ठहराने कि कुल क्षमता 600

अन्य

निर्माणाधीन 100 बिस्तरों का अस्पताल, वर्तमान में एक्सरे आदि की सुविधा उपलब्ध | चलित चिकित्सालय गाँव – गाँव में जाकर चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहा हैं, हॉस्टल प्रारंभ हो चुका हैं |

भोजनालय

हैं, सशुल्क, नियमित

औषधॉलय

हैं ( एलोपेथिक ) भगवान पद्मप्रभु चिकित्सालय

पुस्तकालय

वाचनालय में पुस्तके लगभग 3000 हैं | नियमित पत्रिकाऐं 20 हैं |

विद्यालय

है, माँ जिनवाणी पब्लिक स्कूल

एस.टी.डी. / पी.सी..

है

आवगमन के साधन :

रेलवे स्टेशन

देवास – 25 कि.मी., इंदौर – 65 कि.मी., उज्जैन – 64 कि.मी.                    

बस स्टैंड

सोनकच्छ – 4 कि.मी.

पहुँचने का सरलतम मार्ग

सड़क मार्ग – इंदौर भोपाल हाईवे पर

निकटतम प्रमुख नगर :

सोनकच्छ – 4 कि.मी., देवास – 25 कि.मी., इंदौर – 65 कि.मी., भोपाल – 125 कि.मी.   

प्रबन्ध व्यवस्था :

संस्था

श्री पुष्पदंतसागर दिग. जैन श्रमण संस्कृति न्यास, पुष्पगिरि

अध्यक्ष

श्री अशोककुमार दोशी, मुम्बई ( 09820430114 )

मंत्री

श्री कृष्णकुमार जैन ( 09826623166 )

कोषाध्यक्ष

श्री निर्मल कुमार जैन, इंदौर ( 09425306501 )               

सहमंत्री

श्री प्रवीनकुमार जैन ( 09425306488 )           

जन सम्पर्क

श्री सुनील गंगवाल, सोनकच्छ ( 09425306499 )

क्षेत्र का महत्व :

क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या

04

क्षेत्र पर पहाड़

पहाड़ी पर हैं, वाहन जाते हैं |

ऐतिहासिकता

250 एकड़ की विशाल भूमि, सुरम्य पहाड़ी, करोंड़ों ही लागत और अनेकों जनकल्याणकारी योजनाऐं पुष्पगिरि की आधारशिला हैं | आचार्य श्री पुष्पदंतसागर जी को स्वप्न देकर सीहोर के समीप गाँव से भगवान पार्श्वनाथ की 1500 वर्ष प्राचीन प्रतिमा प्राप्त हुई थी | आचार्यश्री की प्रेरणा से संत / साध्वी निवास, जिनालय, धर्मशाला, त्यागीआश्रम, गौशाला, स्कूल, चिकित्सा केंद्र इत्यादि निर्मित हो चुके हैं | भावी योजनाओं में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेज, आरोग्यधाम, म्यूजियम, मनोरम झील, मुनिश्री तरुणसागर सभागृह, मुनि श्री प्रसन्नसागर छात्रावास, मुनि श्री पलक सागर वात्सल्य धाम इत्यादि हैं | 23 फीट ऊँची पद्मासन भ. पार्श्वनाथ की प्रतिमा विराजमान हैं |

समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :

मक्सी पार्श्वनाथ – 65 कि.मी., गोम्मटगिरि – इंदौर – 70 कि.मी., सिद्धवरकूट – 130 कि.मी., सिद्धोदय (नेमावर) – 120 कि.मी., गन्धर्वपुरी – 13 कि.मी.