कचनेर (महाराष्ट्र)

नाम : कचनेर
पता : श्री 1008 चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, कचनेर, तहसील एवं जिला – औरंगाबाद (महाराष्ट्र) पिन – 431 002
टेलीफोन : 0240-2644108, धर्मशाला 2644103, प्रशाला 2644105
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :
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आवास |
कमरे (अटैच बाथरूम) – 24 |
कमरे (बिना बाथरूम) – 22 |
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हाल – 4 (यात्री क्षमता - 200), |
V.I.P गेस्ट हाउस – 08 |
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V.I.P. रूम – 18, |
(A.C.) V.I.P रूम - 14 |
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यात्री ठहराने कि कुल क्षमता – 800 |
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भोजनालय |
नियमित, सशुल्क |
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औषधॉलय |
है |
पुस्तकालय |
है |
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विद्यालय |
गुरुकुल व हाईस्कूल |
एस.टी.डी. / पी.सी.ओ. |
है |
आवगमन के साधन :
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रेलवे स्टेशन |
औरंगाबाद – 35 कि.मी. |
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बस स्टैंड |
कचनेर एवं चित्तेपीपलगांव |
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पहुँचने का सरलतम मार्ग |
क्षेत्र का वाहन प्रतिदिन प्रातः 7 बजे एवं
सायं 5 बजे औरंगाबाद, राजा बाजार मंदिर से उपलब्ध है | |
निकटतम प्रमुख नगर :
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औरंगाबाद - 35 कि.मी. |
प्रबन्ध व्यवस्था :
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संस्था |
श्री 1008 चिंतामणि पार्श्वनाथ दि. जैन अतिशय
क्षेत्र कचनेर ट्रस्ट |
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मेनेजिंग ट्रस्टी |
श्री सुरेशकुमार कासलीवाल (094233-92460)
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अध्यक्ष |
श्री प्रोमोद्कुमार कासलीवाल (094222-06158) |
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महामंत्री |
श्री भरतकुमार ठोले (094222-09575) |
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प्रबंधक |
श्री किरणकुमार मास्ट (094237-77919) |
क्षेत्र का महत्व :
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क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या |
01 |
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क्षेत्र पर पहाड़ |
नहीं |
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ऐतिहासिकता |
यहाँ भगवान पार्श्वनाथ की
सातिशय, मनोवांछित फलदायक प्रतिभा विराजमान है | लोकोक्ति के अनुसार इस मूर्ति
का सिर धड़ से अलग हो गया तब श्रावको ने उसके स्थान पर अन्य मूर्ति स्थापित करनी
चाही, तो एक श्रावक को स्वप्न आया कि एक कमरे में गड्डा बनाकर मुझे (खण्डित
मूर्ति को) उसमे रखकर गड्डे में घी, शक्कर भर दो, सात दिन की अखंड पूजन से
मूर्ति पूर्ववत हो जायेगी | ऐसा ही होने पर प्रतिमा की पुनः प्रतिष्ठा की गई | |
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :
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औरंगाबाद – 35 कि.मी., पैठण – 30 कि.मी.,
जटवाडा – 48 कि.मी., एलोरा – 70 कि.मी., कंथुलगिरि – 180 कि.मी., जिंतूर – 194
कि.मी., अजंता – 135 कि.मी. |
