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Audichya Brahman Samaj

मुक्तागिरि ( मेंढ़ागिरि ) (मध्यप्रदेश)

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :

आवास

कमरे (अटैच बाथरूम) 54

कमरे (बिना बाथरूम) 36

 

छोटा हाल( अटैच बाथरूम )  – 6, हॉल – 1,

वीआईपी कमरे – 9

 

यात्री ठहराने कि कुल क्षमता 1000

भोजनालय

है - सशुल्क  

औषधॉलय

है

पुस्तकालय

है

विद्यालय

नहीं

एस.टी.डी. / पी.सी..

है

आवगमन के साधन :

रेलवे स्टेशन

बैतूल – 100 कि.मी., आकोट – 60 कि.मी.        

बस स्टैंड

परतवाड़ा – 14 कि.मी.

पहुँचने का सरलतम मार्ग

दिल्ली – चेन्नई मार्ग से आने वाले बैतूल स्टेशन पर उतरें, बैतूल व अमरावती से परतवाड़ा बस द्वारा | परतवाड़ा से मुक्तागिरि थ्री – व्हीलर भी चलते हैं | जयपुर – इंदौर से आने वाले आकोट, मुम्बई – कलकत्ता से आने वाले – बड़नेरा उतरें|

निकटतम प्रमुख नगर :

परतवाड़ा – 14 कि.मी., अमरावती – 65 कि.मी.

प्रबन्ध व्यवस्था :

संस्था

श्री दिग. जैन सिद्धक्षेत्र मुक्तागिरि कमेटी

अध्यक्ष

श्री अतुलकुमार कलमकर, अमरावती ( 0721 - 2672248 )                                 

ट्रस्टी

श्री रवीन्द्रकुमार बड़जात्या, इंदौर (0731 - 3298037)

श्री अरुण कुमार संगई, अंजनगांव सूर्जी ( 07224 - 242145 )

श्री अशोककुमार चंवरे, कारंजा ( लाड़ ) ( 07256 – 223099 )

श्री वसन्त भाई दोशी ( 022 - 22068212 )

प्रबंधक

श्री नेमीचन्द महाजन जैन, मुक्तागिरि ( 07223 - 202146 )           

क्षेत्र का महत्व :

क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या

पहाड़ पर 52 + तलहटीपर 2

क्षेत्र पर पहाड़

हैं -  250 सीढियाँ हैं |

ऐतिहासिकता

इस क्षेत्र से साढ़े तीन करोड़ मुनि निर्वाण को प्राप्त हुए थे | पार्श्वनाथजी का पहला मन्दिर शिल्प कला का सुन्दर उदाहरण हैं, प्रतिमा सप्तफण मण्डित एवं प्राचीन हैं | जनश्रुति के अनुसार यहाँ पर हर अष्टमी, चौदस एवं पूर्णिमा को केसर – चंदन की वर्षा होती है, अधिकांश मन्दिर 16 वीं शताब्दी अथवा उसके बाद के बने हुए हैं | मन्दिर क्रमांक 10 मेंढागिरि के नाम से प्रसिद्द है, जो पहाड़ी के गर्भ में खुदा हुआ अति प्राचीन मन्दिर हैं | इसकी नक्काशी, स्तम्भों व छत की अपूर्व रचना दर्शनीय हैं | भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा अति मनोज्ञ है | यहाँ एक रमणीय जल प्रपात है | कार्तिक पूर्णिमा को मेला व रथयात्रा का आयोजन होता है |

विशेष जानकारी

यहाँ पर भगवान शीतलनाथ जि का समवशरण आया था | मोतियों की वर्षा होने से मुक्तागिरि नाम पड़ा |          

समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :

भातकुली जैन – 80 कि.मी., कारंजा ( लाड़ ) – 130 कि.मी., शिरपूर अंतरिक्ष – पार्श्वनाथ - 230 कि.मी., कारंजा से सिरपुर -100 कि.मी., नेमगिरि ( जितूंर ) – 350 कि.मी., चिखलदरा ( हिल स्टेशन ) – 65 कि.मी.

View Detail : www.muktagiri.org