सिद्धवरकूट (मध्यप्रदेश)

नाम : सिद्धवरकूट
पता : श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र, सिद्धवरकूट, पोस्ट – मान्धाता, ओंकारेश्वर, जिला – खंडवा ( मध्यप्रदेश ) पिन - 450554
टेलीफोन : 07280 – 271829, 280046, 094254 50776
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :
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आवास |
कमरे (अटैच बाथरूम) – 20 |
कमरे (बिना बाथरूम) – 10 |
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हाल – 4, ( यात्री क्षमता – 200), |
गेस्टहाउस – 2 |
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ए.सी. कमरे – 10, |
डीलक्स कमरे – 8 |
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यात्री ठहराने कि कुल क्षमता – 500 |
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भोजनालय |
सशुल्क, अनुरोध पर |
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औषधॉलय |
है |
पुस्तकालय |
नहीं |
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विद्यालय |
है |
एस.टी.डी. / पी.सी.ओ. |
नहीं |
आवगमन के साधन :
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रेलवे स्टेशन |
ओंकारेश्वर रोड ( मोरटक्का ) – 12 कि.मी. |
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बस स्टैंड |
ओंकारेश्वर – 2 कि.मी., बड़वाह – 18 कि.मी. |
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पहुँचने का सरलतम मार्ग |
बड़वाह से जीप, कार , बस द्वारा सड़क मार्ग |
निकटतम प्रमुख नगर :
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बड़वाह – 18 कि.मी., सनावद – 18 कि.मी. |
प्रबन्ध व्यवस्था :
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संस्था |
श्री दि. जैन
सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट प्रबंधकारिणी कमेटी |
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अध्यक्ष |
श्री प्रदीपकुमार सिंह कासलीवाल, इंदौर ( 9893030218 )
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महामंत्री |
श्री विजय काला, सनावद ( 098262 96633 ) |
क्षेत्र का महत्व :
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क्षेत्र पर मंदिरों की संख्या |
13 |
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क्षेत्र पर पहाड़ |
नहीं |
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ऐतिहासिकता |
नर्मदा और कावेरी नदियों का संगमस्थल सिद्धवरकूट एक सिद्धक्षेत्र है | यहाँ से दो चक्रवर्ती, 10
कामदेव व साढ़े तीन करोड़ मुनि मोक्ष गये है | भट्टारक महेन्द्रकीर्तिजी ने सं.
1935 में स्वप्न पाकर खोज की तो उन्हें चन्द्रप्रभु भगवान की मूर्ति सं. 1545 की
व आदिनाथ भगवान की मूर्ति प्राप्त हुई एवं विशाल मन्दिर दृस्तिगोचर हुआ |
जीर्णोद्वार पश्चात् सं. 1951 में प्रतिष्ठा द्वारा यह क्षेत्र प्रकाश में आया |
मान्धाता में भी धर्मशाला है | यहाँ फाल्गुन सुदी 15 व एकम चैत्र वदी 1 को एवं
होली पर मेला लगता है | तीन दिवसीय भव्य आयोजन बाहुबली स्वामी का महामस्तकाभिषेक
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दर्शनीय स्थल |
ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना ( बांध ) नर्मदा नदी का
सुहावना दृश्य – 1 कि.मी. एवं पर्यटन स्थल – 2 कि.मी. |
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :
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ऊन ( पावागिरि ) – 110 कि.मी., बावनगजा – 200 कि.मी., गोम्मटगिरि – 80
कि.मी., मक्सी – 150 कि.मी., बनेड़ियाजी – 125 कि.मी. |
