बावनगजा (चूलगिरि) (मध्यप्रदेश)

नाम : बावनगजा (चूलगिरि)
पता : श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र , बावनगजा (चूलगिरि) ग्राम – बावनगजा, तहसील व जिला – बड़वानी (म.प्र.) पिन – 451 551
टेलीफोन : 07290-291718, 201884, 291010, मो. – 94250-90384
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएं :
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आवास |
कमरे (अटैच बाथरूम) - 45 |
कमरे (बिना बाथरूम) –
नहीं |
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हाल – 4 (यात्री
क्षमता - 50) |
गेस्टहाउस – नहीं |
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यात्री ठहराने कि कुल
क्षमता – 400 |
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भोजनालय |
सशुल्क, नियमित |
संत निवास |
24 कमरे |
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औषधॉलय |
है (बाह्म उपचार
केंद्र) |
पुस्तकालय |
है गुप्तिसागर |
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विद्यालय |
है (ज्ञान
ज्योतिर्मय) |
एस.टी.डी. / पी.सी.ओ. |
है |
आवगमन के साधन :
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रेलवे स्टेशन |
इंदौर – 160 कि.मी., महू
– 138 कि.मी., खण्डवा – 180 कि.मी., दाहोद – 170 कि.मी. |
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बस स्टैंड |
बड़वानी – 8 कि.मी. |
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पहुँचने का सरलतम मार्ग |
इंदौर, खण्डवा,
दाहोद, बड़ोदा से बड़वानी के लिए बस सुविधा है | बड़वानी से बावनगजा नियमित बस सेवा
है | |
निकटतम प्रमुख नगर :
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बड़वानी - 8 कि.मी. |
प्रबन्ध व्यवस्था :
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संस्था |
श्री दिगम्बर जैन
सिद्धक्षेत्र चूलगिरि ट्रस्ट बावनगजा |
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अध्यक्ष |
श्री राजकुमार जैन (099937-37000) |
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मंत्री |
श्री राज प्रकाश पहाड़िया
(094259-14345) |
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प्रबंधक |
श्री इन्द्रजीत मंडलोई (094250-90384, 09977771022) |
क्षेत्र का महत्व :
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क्षेत्र पर मंदिरों की
संख्या |
33 |
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क्षेत्र पर पहाड़ |
है – कुल 800 सीढ़ियाँ,
डोली कि व्यवस्था है | |
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ऐतिहासिकता |
यह एक
सिद्धक्षेत्र कई | यही से इन्द्रजीत व कुम्भकर्ण आदि साढ़े पाँच करोड़ मुनि मोक्ष
पधारे थे | यहाँ पहाड़ में पाषाण की विश्व प्रसिद्ध सबसे ऊँची भगवान् आदिनाथ कि
लगभग 27 मीटर प्रतिमा उत्कीर्ण है | 52 हाथ ऊँची होने के कारण ही इसे बावनगजा
क्षेत्र कहते है | |
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वार्षिक मेला |
प्रतिवर्ष भगवान
आदिनाथजी के निर्वाणोत्सव पर माध बदी चौदस को मेला लगता है | |
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र :
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तालनपुर – 40
कि.मी., ऊन (पावागिरि) – 80 कि.मी., सिद्धवरकूट – 180 कि.मी., पावागढ़ – 220
कि.मी. |
